रणयभंवर से आओ थे रिद्ध सिद्ध रा भरतार
रणयभंवर से आओ थे रिद्ध सिद्ध रा भरतार संकट हारी बाबा थारी हो रही जय-जयकार
मां जगदम्बा अम्बा लाड लडायो
पालने झुलायो थाने गोद खिलायो
शिव-शंकर भोले को, तू पायो प्यार दुलार
दूद दूदवालो बाबो सूंड सुड वालो
भीड- पड़या सबको बन्यो रख वालो
छमक कर नाचे और पायल की झंकार
मोदक प्रिय मुख मंगल दाता
सुर – नर मुनि जन भाग्य विधाता
गणनायक वर दायक है देवारा सिरदार
प्रथम मनावा घ्यावा गणपति राजा
विघ्न हरे सारे सब काजा
यो श्याम सखो हे थारो, थारो ही सुरेश कुमार