आओ जी गणराज म्हारा भजना मे
आओ जी गणराज म्हारा भजना मे
इत्र केवडो चढाऊ थांका चरणा मे
सुण्ड सुण्ड्ल्या बाबा दुन्द् दुन्द्याला
निस दिन फेरा थांकी माला
म्हारो भर्म मिठाओ रेऊ थांका बचना में
शिवजी का थे लाल दुलारा
पार्वती जी का पुत्र प्यारा
थोडी भूल तो सुधारों मारा बचना में
रणभयवर से देवा बैगा आओ
रिध्द सिद्ध न थे संग म ल्याओ
मारी लाज राखो जी जागीरणा मे
गुजर भूणा राम मनाव
सब देवा में थन पहली ध्याव
गलती की देवा माफी चाव
ब्याई बिरदी चन्द आयो छ थांका चरणा मे