सामोद म बैठ्यो मां अंजनी को जायो
सामोद म बैठ्यो मां अंजनी को जायो
दर्शन करना चालो बालो डूंगर पर पुजवायो
बालो बालपणा में जोरा खेल रचायो
समझ खिलोनो सूरज देवन मुख माही दबायो
2. बालाजी सीता मां को पतो लगायो
सात समंदर कूद गयो बालो बिल्कुल नही घबरायो
लिए
3. लक्षण मूर्हित जद रामा दल घबरायो
इक बूंटी नही पिछाणी पर्वत हाथां में ले आयो
4 यांकी माया को पार कोई नही पायो
अमृत गांव हरासर बासी महिमा गाई सुनायो