बाला कांई थार जचगी
बाला कांई थार जचगी, पूछको फटकारों मारयो लंका जलगी
1. श्रीराम को ले संदेशो हनुमत लंका जाव
सोयोजन सागर न पल माही नाप्याव
सुरसा मार्ग माही मिलगी —
2. सुरसा न हरायो बालो लंका माही आयो
रावण रागसडा सू पल माही टकरायो
फौजा रावणा की भिडी – –
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3. जा बगिया म सीता मा न देदी राम निशानी-
अक्षय मार गिरायो जद वो घबरायो अभिमानी
मति रावण यारी फिरगी
4. तेल और रुई मंगाकर पूछ म आग लगायो
एक 2 कर बालो सारी लंका न जलायो
नैया मालुमी की तिरंगी