नर तू क्या की कर रखवाली
नर तू क्या की कर रखवाली
थारो चिडिया चुगगी खेत
बालपणो हंस खेल गमायो सोयो निन्द अचेत
आई जवानी लगा लियो तू तिर्या क संग हेत
गई जवानी, आग्यो बुढापो, हो गया बाल सफेद पड्यो पोल मे टांड रियो, अब कोई न राख हेत
जद-चसको खेती को लाग्यो, मोतीं बाया अनेक मोती मोती हंसा चुग गया, रहगी बालू रेत
यम राज की आई चिडकल्या चुगगी सारो खेत
कहत कबीरा सुन र सन्ता., अब तो मुसाफिर चेत